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लोकसभा चुनाव 2024: पीएम मोदी का 'मिशन साउथ' 400 के पार, दक्षिणी किला फतह करने के लिए क्या है बीजेपी की तैयारी?

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Lok Sabha Chunav 2024: 400 पार के लिए पीएम मोदी का 'मिशन साउथ', दक्षिण का दुर्ग जीतने की क्या है BJP की तैयारी?
 

Lok Sabha Election 2024 News: केंद्र में लगातार दो बार से पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी को दक्षिण के राज्यों में सत्ता को लेकर विरोधियों के तंज का सामना करना पड़ता है. तमिलनाडु, केरल , आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक किसी भी राज्य में भाजपा सत्ता में नहीं है. लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इन राज्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाला है. कई वर्षों से जारी अपने 'मिशन साउथ' पर पीएम मोदी ने अब और ज्यादा फोकस किया है.

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा 370 और एनडीए 400 पार का लक्ष्य

पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के लिए 370 पार और एनडीए के लिए 400 पार का लक्ष्य रखा है. इसके लिए 'मोदी की गारंटी' को सबसे बड़ा नारा और पीएम मोदी के चेहरे को सबसे आगे रखने की रणनीति पर जमकर काम किया जा रहा है. भाजपा और एनडीए का हर उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार में पीएम मोदी के पोस्टर का ही इस्तेमाल कर रहा है. बिहार समेत कई राज्यों में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा होने से पहले चुनाव के लिए भाजपा की प्रचार सामग्री पहुंच चुकी है.

देश में पीएम मोदी की 150 रैलियां और रोड शो, एक तिहाई दक्षिण में

भाजपा ने 2024 में 400 पार मिशन के लिए देश भर में पीएम मोदी की 150 से ज्यादा रैलियों के आयोजन का प्लान बनाया है. लोकसभा चुनाव प्रचार की कमान पीएम मोदी के हाथों में ही रहेगी. होली (25 मार्च ) के बाद पीएम मोदी का तूफानी प्रचार शुरू होगा. चुनावी जनसभा के साथ साथ पीएम मोदी रोड शो भी करेंगे. भाजपा की इस प्रचार रणनीति में पीएम मोदी दक्षिण के पांच राज्यों में 35 से 40 चुनावी सभा और रोड शो करेंगे.

लोकसभा चुनाव 2019 में दक्षिण के 131 में 29 सीटें जीती थी भाजपा

आंध्र प्रदेश में 25, तेलंगाना में 17, तमिलनाडु में 39, केरल में 20, कर्नाटक में 28, पुदुचेरी और लक्षद्वीप की एक-एक यानी दक्षिण की कुल 131 लोकसभा सीटों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मेगा प्लान तैयार किया है. भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 में 131 में से महज 29 सीटें जीती थीं. इस बार 60 से ज्यादा सीटें जीती तो गिनती पूरा कर पाएंगी.  काशी-तमिल संगमम और सौराष्ट्र तमिल समागम का भव्य आयोजन कर पीएम मोदी ने बड़ी लकीर खींचने की कोशिश की. पीएम मोदी ने दिसंबर, 2023 से ही दक्षिण के राज्यों के मैराथन दौरे शुरू किए. वहां के मंदिरों जाकर पारंपरिक ड्रेस में पूजा-पाठ किया.

दक्षिण भारत में पीएम मोदी ने बजट और आधिकारिक दौरे बढ़ाए

पीएम मोदी ने जनवरी और फरवरी में दक्षिण भारत में 11 दिन गुजारे हैं. इन राज्यों के लोगों से इमोशनल कनेक्ट होने के अलावा पीएम मोदी ने सैकड़ों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपए आवंटित किए. हाल ही में पीएम मोदी ने कहा कि बीते 75 दिनों में उन्होंने नौ लाख करोड़ करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाएं देश को समर्पित की हैं. इनमें बड़ा हिस्सा दक्षिण के राज्यों में है. 

दक्षिण के तटीय राज्यों के लिए ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी, आईटी और कनेक्टिविटी वगैरह को लेकर कई योजनाएं शुरू कीं. एक आंकड़े के मुताबिक पीएम मोदी के 10 साल के कार्यकाल में दक्षिमी राज्यों पर केंद्र की ओर से लगने वाला बजट दोगुना से ज्यादा हो गया है.

भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में ही बांटे कई टिकट

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा कर्नाटक और तेलंगाना को छोड़कर तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में अपना खाता नहीं खोल पाई थी. इसलिए चुनावी रणनीति को धार देते हुए इन गैर हिंदी भाषी राज्यों में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों के प्रमुख चेहरों को आकर्षित किया. एनडीए का कुनबा बढ़ाया. पुराने दोस्तों की घरवापसी कराई. भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में ही इन राज्यों में कई टिकटों की घोषणा कर दी. भाजपा के लिए एक दिलचस्प बात यह भी है कि इन राज्यों में भाजपा के पास खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है.

केरल में विपक्षी नेताओं को खींचा, छोटे स्थानीय दलों को जोड़ा

केरल में पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी के बाद केरल के चार बार मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे के करुणाकरण की बेटी पद्मजा वेणुगोपाल को भाजपा में शामिल कराया. पीएम मोदी ने खुद केरल में शून्य के मुकाबले दहाई अंकों में पहुंचने का दावा किया है. पिछली बार केरल की दो सीटों पर भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी. केरल में हिंसक राजनीति के बावजूद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है. साथ ही भारत धर्म जनसेना और केरल कांग्रेस जैसे छोटे दलों को साथ लिया गया है. पुदुचेरी की इकलौती सीट पर भाजपा चुनाव लड़ रही है.

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में पुराने साथियों की एनडीए में वापसी

कर्नाटक में भाजपा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस के साथ गठबंधन किया. कर्नाटक विधानसभा चुनाव के वक्त भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए जगदीश शेट्टार को वापस बुलाया. लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने वाला है. यहां भाजपा ने अपने पुराने साथी चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी और एक्टर पवन कल्याण की जनसेना के साथ हाथ मिलाकर एनडीए को मजबूत किया है. तेलंगाना में भाजपा ने पिछली बार लोकसभा की चार सीटें जीती थी. इस बार ज्यादा सीटें जीतने पर फोकस कर रही है. 

तमिलनाडु में इस बार अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में भाजपा

तमिलनाडु में भाजपा इस बार अकेले चुनाव लड़ने के लिए आगे बढ़ रही है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के आक्रामक राजनीतिक रुख के बाद एआईएडीएमके ने भाजपा के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया था. वहीं, सत्तारुढ़ डीएमके के सनातन और राष्ट्र विरोधी बयानों को लेकर संघर्ष बढ़ रहा है. तमिलनाडु में कांग्रेस की तीन बार की विधायक विजयाधरानी ने हाल ही में भाजपा की सदस्यता ली है. कांग्रेस और एआईएडीएमके के 15 पूर्व विधायकों ने भाजपा का रुख किया है.

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