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G20 Summit 2023: जी-20 देशों के हरियाणा आगमन को यादगार बनाने में जुटी मनोहर सरकार

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Haryana Breaking News: हरियाणा में फिर होंगी G-20 की 2 बैठकें, तैयारियों में जुटी सरकार
  हरियाणा के गुरुग्राम में एक से तीन मार्च तक आयोजित होने वाली जी-20 देशों के एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा और मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 
जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठकों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि सभी राज्य इस दौरान अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन करें, ताकि सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के मन में भारत की अच्छी छवि बने।
 इस सम्मेलन में हरियाणा अपनी अतिथि देवो भवः की परंपरा की नजीर पेश करेगा। आयोजन को लेकर गुरुग्राम में करीब 100 सार्वजनिक स्थलों पर जी -20 के लोगो (प्रतीक चिन्ह) प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही मेट्रो पिलर, राष्ट्रीय राजमार्ग व विभिन्न इमारतों पर लाइटें लगाई जाएंगी।

गुरुग्राम प्रशासन ने एक सूची तैयार की है जिसमें 3 IAS अधिकारियों और 80 HCS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में ब्रीफिंग दी जाएगी और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

आयोजन से जुड़े स्थल और सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने के इंतजाम भी पूरे कर लिए गए हैं। वहीं, भ्रमण के लिए म्यूजियो कैमरा, सुल्तानपुर लेक, बायोडायवर्सिटी पार्क, साइबर हब, तावडू कार म्युजियम, प्रतापगढ़ फार्म आदि स्थानों को लेकर स्वच्छता, हरियाली एवं सुरक्षा इंतजामों की समुचित व्यवस्था की गई है।

हरियाणा में G-20 की होने वाली दो और बैठकों को लेकर बड़े स्तर पर IAS और HCS अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सरकार की ओर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 80 IAS-HCS अधिकारियों को संपर्क अधिकारी के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया गया है। 3 और 4 जुलाई 2023 को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले G-20 के स्टार्टअप-20 शिखर में अपनी सेवाएं देनी होंगी।

विदेशी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान सुल्तानपुर लेक पर हरियाणा में संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया जाएगा। जी-20 के अतिथियों का मुख्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर (मोटा अनाज वर्ष) पर फोकस करते हुए मोटे अनाज से तैयार उत्पादों, हरियाणवी पारंपरिक पगड़ी बांधकर और तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि जी-20 की स्थापना वर्ष 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी। वर्ष 2007 के वैश्विक आर्थिक और वित्तीय संकट के मद्देनजर जी -20 को राष्ट्राध्यक्षों/शासनाध्यक्षों के स्तर तक उन्नत किया गया और वर्ष 2009 में इसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग हेतु प्रमुख मंच के रूप में नामित किया गया।

यह सभी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शुरुआत में जी-20 व्यापक आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित था, लेकिन बाद में इसके एजेंडे में विस्तार करते हुए इसमें व्यापार, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और भ्रष्टाचार-विरोध शामिल किया गया। भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक जी -20 की अध्यक्षता करेगा। भारत के लिए जी-20 अध्यक्षता 'अमृत काल' की शुरुआत है।

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