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Electricity in Haryana :हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, बिजली बिल में एडवांस कंजप्शन डिपॉजिट के साथ देना पड़ेगा ये चार्ज

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हरियाणा में बिजली कंज्यूमर्स पर नॉन एनर्जी चार्ज के कॉलम में बगैर खपत के ही एडवांस कंजप्शन डिपॉजिट के नाम पर बिल लिए जा रहे हैं।   अभी एसीडी के नाम पर बिल आ ही रहे हैं, लेकिन अब फ्यूल सरचार्ज का बोझ भी कंज्यूमर्स पर पड़ेगा।   एक अप्रैल से 47 पैसे प्रति यूनिट एफएसए भी बिल के साथ वसूला जाएगा।   डीएचबीवीएन की ओर से फ्यूल सरचार्ज वसूलने के लिए सर्कुलर जारी कर दिया गया है।  यह एफएसए आगामी 14 महीने तक यानि 30 जून 2024 तक वसूला जाएगा।   200 यूनिट तक डॉमेस्टिक बिल और एग्रीकल्चर उपभोक्ताओ को एफएसए नहीं देना होगा।  200 यूनिट से ज्यादा बिल आता है तो 94 रुपये अतिरिक्त उपभोक्ता को फ्यूल सरचार्ज के नाम पर देने होंगे।   एक हजार यूनिट तक किसी उपभोक्ता की खपत होगी तो बिल में 470 रुपये ज्यादा देने होंगे।   बिजली बिल में फ्यूल सरचार्ज कोयला के रेट को देखकर लगाए जाते हैं।   हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलरेटी कमीशन द्वारा यह रेट डिसाइड किए जाते हैं।   जब कोयला के रेट या ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता है तब एचईआरसी द्वारा फ्यूल सरचार्ज लगाकर इसको कंट्रोल करते हैं।   फ्यूल सरचार्ज ही नहीं एडवांस कंजप्शन डिपॉजिट भी कंज्यूमर्स से वसूला जा रहा है।   एक साल के बिलों का एवरेज निकालकर एक बिल का एडवांस कंज्यूमर्स से बिजली निगम द्वारा लिया जा रहा है।   यह तीन किश्तों में बांटकर नॉन एनर्जी चार्ज के नाम पर उपभोक्ताओ के बिल में जोड़कर भेजा जा रहा है।
 

हरियाणा में बिजली कंज्यूमर्स पर नॉन एनर्जी चार्ज के कॉलम में बगैर खपत के ही एडवांस कंजप्शन डिपॉजिट के नाम पर बिल लिए जा रहे हैं। 

अभी एसीडी के नाम पर बिल आ ही रहे हैं, लेकिन अब फ्यूल सरचार्ज का बोझ भी कंज्यूमर्स पर पड़ेगा। 

एक अप्रैल से 47 पैसे प्रति यूनिट एफएसए भी बिल के साथ वसूला जाएगा। 

डीएचबीवीएन की ओर से फ्यूल सरचार्ज वसूलने के लिए सर्कुलर जारी कर दिया गया है।

यह एफएसए आगामी 14 महीने तक यानि 30 जून 2024 तक वसूला जाएगा। 

200 यूनिट तक डॉमेस्टिक बिल और एग्रीकल्चर उपभोक्ताओ को एफएसए नहीं देना होगा।

200 यूनिट से ज्यादा बिल आता है तो 94 रुपये अतिरिक्त उपभोक्ता को फ्यूल सरचार्ज के नाम पर देने होंगे।


एक हजार यूनिट तक किसी उपभोक्ता की खपत होगी तो बिल में 470 रुपये ज्यादा देने होंगे। 

बिजली बिल में फ्यूल सरचार्ज कोयला के रेट को देखकर लगाए जाते हैं। 

हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलरेटी कमीशन द्वारा यह रेट डिसाइड किए जाते हैं। 

जब कोयला के रेट या ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता है तब एचईआरसी द्वारा फ्यूल सरचार्ज लगाकर इसको कंट्रोल करते हैं।


फ्यूल सरचार्ज ही नहीं एडवांस कंजप्शन डिपॉजिट भी कंज्यूमर्स से वसूला जा रहा है। 

एक साल के बिलों का एवरेज निकालकर एक बिल का एडवांस कंज्यूमर्स से बिजली निगम द्वारा लिया जा रहा है। 

यह तीन किश्तों में बांटकर नॉन एनर्जी चार्ज के नाम पर उपभोक्ताओ के बिल में जोड़कर भेजा जा रहा है।


 

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