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6 साल की मासूम को साधुओं के बीच मिली छुट्टी, माता-पिता ने किया था दान, जानें पूरा मामला

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Hisar Crime: 6 साल के मासूम को साधुओं के बीच से कराया गया मुक्त, माता-पिता ने किया था दान, जानें पूरा मामला
 

Hisar Crime: हिसार के हांसी के गांव सिसाए में साधु बनने के लिए एक धार्मिक स्थल में दान दिए गए 6 वर्षीय बच्चे को पुलिस ने छुड़वाया है. बच्चे को सीडब्ल्यूसी (CWC) के समक्ष पेश किया गया. बच्चा साधुओं के साथ साधु के भेष में रह रहा था, वहीं धार्मिक स्थल के साधुओं का कहना है कि बच्चे के माता-पिता ने इसे अपनी इच्छा से दान दिया था.

जानें, क्या है पूजा मामला

मामला सिसाए गांव का है, बच्चा जब पांच साल का था, तब उसके पिता ने उसे कनोह गांव स्थित धार्मिक स्थल में बच्चा दान दिया था. बाद में उसे इसे वो यहां ले आए. सिसाए के बाबा चांदपुरी महाराज के धार्मिक स्थल में 6 साधु हैं. बच्चा सोमवार गिरी महाराज के साथ रह रहा था. सोमवार गिरी का कहना है कि साधुओं ने बच्चे का नामकरण शंकर गिरी किया है.

मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद पुलिस सिसाए में पहुंची और जुवेनाइल ऑफिसर भी इस दौरान मौजूद रहे. बच्चे का मेडिकल करवा कर हिसार में सीडब्ल्यूसी के समक्ष ले जाया गया. पुलिस ने बच्चे के परिजनों को भी बुलाया है. बता दें कि मंदिर को बच्चा दान करने का या व्यक्ति को दान देने का देश के किसी कानून में कोई विधान नहीं है. ऐसा करना जुवेनाइल जस्टिस एक्ट व चाइल्ड एक्ट के अलावा भारतीय दंड संहिता के तहत जुर्म है.

धार्मिक स्थल के सोमवार पुरी महाराज का कहना है कि एक व्यक्ति ने अपनी इच्छा से बच्चे को दान किया है. वो इसे देखने के लिए भी कई बार आते हैं. उन्होंने बताया कि बच्चे के पिता ने मन्नत मांगी थी कि यदि उसके दो बेटे होते हैं तो वह एक को धार्मिक स्थल में दान करेंगे. मन्नत पूरी होने पर उन्होंने अपने एक बच्चे को दान में दे दिया.

जूवेनाइल ऑफिसर ने की बच्चे से पूछताछ

आपको बता दें कि जूवेनाइल ऑफिसर ने बच्चे से पूछताछ के दौरान पूछा कि क्या उसे अपने माता-पिता के पास जाना है? तो बच्चे ने हां में जवाब दिया. इसी के साथ उन्होंने बच्चे से पूछा कि क्या उसका यहां पर मन लगता? तो बच्चे ने नहीं में जवाब दिया. बच्चे ने ये भी बताया कि उसे गुरु उन्हें यहां पर लेकर आए हैं.

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