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 पेट्रोल पंप वाले ऐसे ऑयल हैं तेल, जेब कटने से बचानी है तो जान लें तरीका

 पेट्रोल पंप घोटाला: अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जब पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को कंपनी का कनेक्शन दिया जाता है और उन्हें पता भी नहीं चलता। इसलिए आपके लिए यहां कुछ टिप्स हैं, जिनकी मदद से आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
 
Petrol PumpPetrol Pump
 

Petrol Pump Fraud In India: पेट्रोल पंप फ्रॉड इंडिया में एक बड़ी समस्या है. जब हम अपनी गाड़ी को या अपनी बाइक को चलाने के लिए फ्यूल भरवाते हैं, तब हमें अक्सर यह जांचने की ज़रूरत पड़ती है कि कर्मचारी ने हमारी गाड़ी में पूरा फ्यूल भर दिया है या नहीं. लेकिन अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं, जब पेट्रोल पंप के कर्मचारी ग्राहकों को चूना लगा देते हैं और उन्हें पता भी नहीं लगता.  इसलिए आपके लिए यहां कुछ टिप्स हैं जिनकी मदद से आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं.

- सबसे पहले, आपको मीटर की रीडिंग की जांच करनी चाहिए. जब तक आपका फ्यूल भर रहे हों, तब तक आपको मीटर की रीडिंग पर नज़र बनाए रखनी चाहिए. अगर आपको  लगता है कि मीटर सही नहीं दिख रहा है, तो आपको गाड़ी से नीचे उतर आना चाहिए. इसके अलावा, फ्यूल नोजल पर भी नज़र रखना चाहिए.

- आप फिल्टर पेपर टेस्ट भी कर सकते हैं. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अनुसार, सभी पेट्रोल पंपों को फिल्टर पेपर का स्टॉक रखना जरूरी है. आप फिल्टर पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदे डालकर टेस्ट कर सकते हैं. अगर पेट्रोल शुद्ध है, तो पेपर पर कोई दाग नहीं होगा. यदि दाग नज़र आते हैं, तो पेट्रोल मिलावटी हो सकता है.

- इसके अलावा, कई बार ग्राहक को चूना लगाने के लिए मशीन के मीटर से भी छेड़छाड़ होती है. अगर आपको लगता है कि तेल कम दिया जा रहा है, तो 5 लीटर जार टेस्ट कर सकते हैं. इस जार में तेल भरकर आप क्रॉसचेक कर सकते हैं. 

- अगर आप किसी नए पेट्रोल पंप पर गए हैं, तो आप उस पंप के बारे में जानकारी भी जुटा सकते हैं. इसके लिए आपको वेबसाइट पर जाकर रिव्यू पढ़ना चाहिए. जरूरत पड़ने पर आप शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं. Indian Oil के लिए कस्टमर केयर नंबर 1800-2333-555 है, वहीं भारत पेट्रोलियम के ग्राहक शिकायत के लिए कस्टमर केयर नंबर 1800224344 है. 

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