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 2000 रुपये के नोट पर ये अपडेट जान ले भारत की जनता, कहीं खो गईं तो उठानी उधारी

 
Indian Note: भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कुछ महीने पहले ही 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने का ऐलान किया गया था. इसके बाद करोड़ों रुपये की कीमत के 2000 रुपये नोट बैंक में वापस आ चुके हैं. इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने मासिक बुलेटिन में कहा कि 2,000 रुपये के नोटों को प्रचलन से वापस लेने के कारण आरक्षित मुद्रा के सबसे बड़े घटक, प्रचलन में मुद्रा (सीआईसी) की बढ़त 8 प्रतिशत से घटकर 4.4 प्रतिशत हो गई.
 

Indian Note: भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कुछ महीने पहले ही 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने का ऐलान किया गया था. इसके बाद करोड़ों रुपये की कीमत के 2000 रुपये नोट बैंक में वापस आ चुके हैं. इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपने मासिक बुलेटिन में कहा कि 2,000 रुपये के नोटों को प्रचलन से वापस लेने के कारण आरक्षित मुद्रा के सबसे बड़े घटक, प्रचलन में मुद्रा (सीआईसी) की बढ़त 8 प्रतिशत से घटकर 4.4 प्रतिशत हो गई.

2000 रुपये के नोट

आरबीआई ने कहा कि 19 मई को घोषित 2,000 रुपये के बैंक नोटों को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा के परिणामस्वरूप 2023 में 19 मई से 30 जून के बीच सीआईसी की वृद्धि में गिरावट आई, जब पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना की गई. बुलेटिन में कहा गया है कि 30 जून, 2023 तक प्रचलन से वापस प्राप्त लगभग 87 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा कर दिए गए हैं.

बैंक


3 जुलाई को केंद्रीय बैंक ने कहा था कि चलन में मौजूद 2,000 रुपये के 76 फीसदी नोट वापस आ गए हैं. 30 जून, 2023 तक प्रचलन से वापस प्राप्त 2,000 रुपये के बैंक नोटों का कुल मूल्य 2.72 लाख करोड़ रुपये था. नतीजतन, 30 जून को कारोबार की समाप्ति पर प्रचलन में 2,000 रुपये के बैंक नोट 0.84 लाख करोड़ रुपये थे. वहीं देश के लोग सितंबर महीने की आखिरी तारीख तक 2000 रुपये के नोटों को बैंक में जमा कर सकते हैं या बदलवा सकते हैं. इसके बाद अक्टूबर से लोगों को 2000 रुपये के नोटों को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

आरबीआई


आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि प्रमुख बैंकों से एकत्र किए गए डेटा से पता चलता है कि 2000 रुपये मूल्यवर्ग के कुल बैंकनोटों में से लगभग 87 प्रतिशत जमा के रूप में हैं और शेष लगभग 13 प्रतिशत को अन्य मूल्यवर्ग के बैंकनोटों में बदल दिया गया है. बता दें कि आरबीआई बुलेटिन एक मासिक प्रकाशन है जो घरेलू और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के विकास में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है, लेकिन केंद्रीय बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है.

2000 रुपये


बुलेटिन में अलग से, आरबीआई ने कहा कि 30 जून, 2023 तक मुद्रा आपूर्ति (एम3) की वृद्धि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 8.9 प्रतिशत की तुलना में 11.3 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) अधिक थी. बैंकों में कुल जमा में 12.4 प्रतिशत (एक साल पहले 9.2 प्रतिशत) की वृद्धि हुई. वहीं 2000 रुपये के बैंक नोटों की वापसी को दर्शाते हुए, कुल जमा अनुपात में मुद्रा में गिरावट आई.

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