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 PAN-Aadhaar: अपना पैन-आधार बांटते फिर रहे हैं तो पढ़ें यह खबर, शायद बड़े नुकसान से बच जाएं

 
अपना पैन-आधार बांटते फिर रहे हैं तो पढ़ें यह खबर, शायद बड़े नुकसान से बच जाएं
 

वाराणसी, लखनऊ, गौतमबुद्धनगर और बिहार से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने देशभर में कई लोगों को नकली पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने की फ्रेंचाइजी तक बांट रखी थी। आरोपी डार्कवेब-टेलीग्राम पर मौजूद यूआईडीएआई और एनएसडीएल द्वारा अधिकृत कंपनियों का डेटा अपनी वेबसाइट पर डालते थे।

हो जाएं सावधान

  • अपना पैन हर जगह डालने से बचें। वेबसाइट की प्रामाणिकता को चेक करें। ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और आधार कार्ड जैसे अन्य आईडी विवरणों का इस्तेमाल करें, जो कम असुरक्षित हैं।
  • केवल प्रामाणिक लोगों या कंपनियों को पैन की फोटोकॉपी जमा करें। साथ ही इन फोटोकॉपी पर तारीख के साथ हस्ताक्षर करें।
  • ऑनलाइन पोर्टल्स पर अपना पूरा नाम और जन्म तिथि दर्ज करने से बचें। इनका इस्तेमाल पैन को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है।

क्या हैं नुकसान

● साइबर अपराधी आर्थिक धोखाधड़ी कर सकते हैं

● डेटा से गलत पहचान बनाकर अवैध कामों में इस्तेमाल हो सकता है

● ऑनलाइन परेशान करने, अनचाहे नंबर से कॉल आ सकती हैं

● निजी मैसेज, चैट या तस्वीरें लीक होने से शर्मिंदगी का खतरा

● दवा का अवैध कारोबार करने वाले मेडिकल डाटा का इस्तेमाल कर सकते हैं

पब्लिक डोमेन से क्या डेटा लीक हुआ

डेटा चोरी होने और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोकल सर्कल द्वारा किए गए एक सर्वे में ज्यादातर लोगों ने माना कि पब्लिक डोमेन से उनका डेटा सबसे ज्यादा चोरी हुआ।

  • आधार नंबर    53%
  • पैन कार्ड नंबर    50%
  • वोटर आईडी नंबर    25%
  • क्रेडिट डेबिट कार्ड नंबर    22%
  • मोबाइल नंबर    72%
  • ईमेल एड्रस    63%
  • सालाना इनकम    09%
  • अन्य जानकारियां    19%

इन वेबसाइट के जरिये हो रहा था फर्जीवाड़ा

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अब नियमों के उल्लंघन पर 250 करोड़ तक का जुर्माना

कोई भी इकाई अगर नागरिकों के बारे में डिजिटल रूप से रखी जानकारी या आंकड़ों का दुरुपयोग करती है तो उस पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। यह प्रावधान संसद में पेश डिजिटल व्यक्तिगत जानकारी संरक्षण विधेयक-2023 में किया गया है। विधेयक में कहा गया है, यदि बोर्ड किसी जांच के आधार पर किसी व्यक्ति ने अधिनियम के प्रावधानों या नियमों का उल्लंघन किया और वह गंभीर प्रकृति का है, तो वह व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के बाद अनुसूची में निर्धारित मौद्रिक जुर्माना लगा सकता है।

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