Public Haryana News Logo

Mahendragarh: पारंपरिक खेती छोड़ सरकार की यह योजना बनी मददगार, किसान कमा रहे लाखों का मुनाफा

 | 
 Mahendragarh: पारंपरिक खेती छोड़ सरकार की यह योजना बनी मददगार, किसान कमा रहे लाखों का मुनाफा
 

Mahendragarh News: महेंद्रगढ़ जिले के मोडी गांव के किसान सुशील द्वारा सब्जी की खेती करने की बात सुनकर बहुत अच्छा लगा। सब्जी की खेती एक उच्च प्रतिफलकारी व्यवसाय हो सकता है और किसानों को अच्छी आय प्रदान कर सकता है। यह व्यवसाय न केवल परंपरागत खेती से अलग है, बल्कि इसमें बाजार की मांग और मूल्यों के अनुसार उत्पादन करने की क्षमता होती है।

यदि किसान सुशील के पास सब्जी की खेती करने के बारे में अधिक जानकारी है और उनके प्रयास से लाखों रुपये कमा रहे हैं, तो इससे दूसरे किसानों को भी प्रेरित हो सकता है। यह एक उदाहरण है कि कृषि क्षेत्र में नए और विशिष्ट आय के संभावित स्रोतों का अन्वेषण किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि वह साल भर सब्जी उगाने का काम करता है. सर्दियों के मौसम में गाजर और मटर की खेती करता है तो इस गर्मी के मौसम में अब सुशील ने देसी टिंडा तोरी और भिंडी की फसल उगाई हुई है. किसान सुशील ने बताया कि इस समय मंडी में उसे तीनों ही सब्जियों की फसल का अच्छा भाव मिल रहा है और इसे देखते हुए अच्छे मुनाफे की उम्मीद है.

महेंद्रगढ़ जिला वैसे तो रेतीली मिट्टी के लिए जाना जाता है यहां गर्मियों में अधिक गर्मी और सर्दियों में अधिक सर्दी होती है, लेकिन यहां के मेहनत कस किसान इस मौसम की मार को झेलते हुए भी यहां पर परंपरागत खेती से हटकर फसल उगाने का काम कर रहे हैं, जिसमें चाहे कोई किसान सब्जी की फसल उगा रहा है या फिर कोई किसान बागवानी कर रहा है.

मोडी गांव के किसान सुशील भी इसी प्रकार के एक प्रगतिशील किसान हैं. किसान सुशील अपने यहां साल में दोनों मौसम में सब्जी की खेती करने का काम करते हैं. वह बताते हैं कि उनके यहां हर साल हर सीजन में 5 से 6 एकड़ में सब्जी उगाई जाती है. इससे उसके परिवार का पालन पोषण बहुत अच्छे से हो रहा है. सुशील केवल परिवार के खाने के लिए ही गेहूं की खेती करता है. बाकी वह सब्जी उगाने का काम कर रहा है. अपने अनुभव सांझा करते हुए सुशील ने बताया कि वह प्रति एकड़ पूरा खर्च निकालने के बाद लाख रुपये से अधिक 1 एकड़ से बचा लेता है. इस तरह परंपरागत खेती को छोड़कर लगातार सब्जी की फसलें उगा रहा है.

किसान सुशील सब्जी की फसलों में भी नया प्रयोग कर रहा है. उसने बताया कि वह भिंडी के साथ उसी खेत में कपास भी उगा रखी है. इससे मिश्रित खेती करके वह डबल मुनाफा कमा रहा है. भिंडी के साथ कपास उगाने से किसी प्रकार का नुकसान फसल में देखने को नहीं मिला और कहता है कि यह प्रयोग उसने पहले भी किया और सफल रहा और फिर से यही प्रयोग कर रहा है. सब्जी की खेती प्रतिवर्ष दोनों मौसम में की जाती है और इससे वह अच्छा मुनाफा भी कमा लेता है.

सरकारी सहायता की सराहना करते हुए उसने बताया कि यदि किसानों को सब्जी की फसल में कभी नुकसान होता है तो भी सरकार द्वारा भावांतर भरपाई से पूर्ति की जाती है. इसके साथ ही सरकार द्वारा सब्जियों की बिजाई करने पर बीज पर सब्सिडी देने का भी काम किया जा रहा है. उसने बताया कि उसने भी अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है और जब भी कोई सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलेगी तो उसे भी फायदा होगा. उसने बताया कि अभी सरकार द्वारा भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को मुआवजा राशि दी गई. यह एक सरकार की बहुत अच्छी पहल है और इससे किसानों की अच्छी मदद हुई है.

किसान सुशील अपने खेतों में पानी की बचत का काम भी कर रहा है. उसने बताया कि वह रेतीली मिट्टी में सब्जी खाने के काम के लिए मिनी स्प्रिंकलर ड्रिप का प्रयोग कर रहा है. इससे पानी की बचत होती है और कम मात्रा में पानी से फसल को पूरा पानी मिल जाता है.

अपने शहर से जुड़ी हर बड़ी-छोटी खबर के लिए

Click Here