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हरियाणा के किसानों को मिली खुशखबरी, खातों में आएंगे इतने पैसे, देखें पूरी जानकारी

 बाढ़ ने किसानों की पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। सोमवार को प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
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565 गांवों में जलजमाव, 33 वार्ड प्रभावित बाढ़ से 565 गांव के साथ साथ विभिन्न शहरों के 33 वार्ड प्रभावित हुए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सोमवार को 383 गांवों और शहर के 26 वार्डों में जाकर 440 चिकित्सा शिविर लगाए. कुल 7899 मरीजों की जांच की गई, जिसमें 805 को बुखार, 272 को आंत्रशोथ, नौ को पेचिश, 10 को सर्पदंश, 1174 को त्वचा रोग, 317 को कंजंक्टिवाइटिस और 3808 को अन्य बीमारियां मिलीं.  घर- घर किया जा रहा सर्वे घर- घर सर्वेक्षण कर लोगों को जल- जनित बीमारियों और वेक्टर- जनित बीमारियों के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जा रहा है ताकि बारिश के पानी के कारण बीमारियाँ न फैलें. गर्भवती महिलाओं, बच्चों और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.
 

चंडीगढ़ | हरियाणा में बाढ़ के कारण जिन किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं. उन्हें राज्य सरकार की ओर से तत्काल प्रभाव से 15,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाएगा. नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है. रिपोर्ट मिलते ही प्रभावित किसानों के बैंक खाते में मुआवजा राशि जमा कर दी जायेगी. हालांकि, 75 फीसदी से कम नुकसान होने पर मुआवजे के लिए फसल बिकने तक इंतजार करना होगा.

प्रदेश सरकार किसानों को 15 हजार रुपये मुआवजा देगी

प्रदेश सरकार ने कहा कि किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का मुआवजा देगा। नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए भी जिला उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। प्रभावित किसानों के बैंक खाते में मुआवजा राशि डाल दी जाएगी जैसे ही राज्य सरकार को रिपोर्ट मिलेगी। ध्यान दें कि जो किसानों की फसल 75 प्रतिशत से अधिक खराब हो चुकी है, वे ही मुआवजे की राशि पाएंगे।

इन लोगों को भी मुआवजा राशि मिलेगी

लेकिन 75% से कम नुकसान की स्थिति में किसानों को मुआवजे के लिए फसल की बिक्री का इंतजार करना होगा। बाढ़ ने भी घरों को बहुत नुकसान पहुँचाया है। इसके लिए लोगों को भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत 20 हजार से लेकर 1 लाख 20 हजार तक का मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ में मरने वालों के परिजनों को भी तत्काल चार लाख रुपये दिए जाएंगे।

24 घंटे में हुआ ये नुकसान

पिछले 24 घंटों में 80 और गांवों में पानी घुस गया और 4,826 हेक्टेयर में खड़ी फसलें डूब गईं. 1,378 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, पलवल, सिरसा, कुरूक्षेत्र और करनाल में एनडीआरएफ के साथ- साथ अंबाला और फतेहाबाद में राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना के जवानों को तैनात किया गया है.

565 गांवों में जलजमाव, 33 वार्ड प्रभावित

बाढ़ से 565 गांव के साथ साथ विभिन्न शहरों के 33 वार्ड प्रभावित हुए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सोमवार को 383 गांवों और शहर के 26 वार्डों में जाकर 440 चिकित्सा शिविर लगाए. कुल 7899 मरीजों की जांच की गई, जिसमें 805 को बुखार, 272 को आंत्रशोथ, नौ को पेचिश, 10 को सर्पदंश, 1174 को त्वचा रोग, 317 को कंजंक्टिवाइटिस और 3808 को अन्य बीमारियां मिलीं.

घर- घर किया जा रहा सर्वे

घर- घर सर्वेक्षण कर लोगों को जल- जनित बीमारियों और वेक्टर- जनित बीमारियों के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जा रहा है ताकि बारिश के पानी के कारण बीमारियाँ न फैलें. गर्भवती महिलाओं, बच्चों और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

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